Thursday, February 26, 2026
Homeतकनीक500 रुपये में बिक रहा आधार-पैन डेटा, जानें बचाव के तरीके

500 रुपये में बिक रहा आधार-पैन डेटा, जानें बचाव के तरीके

-


आजकल हर भारतीय के पास आधार और पैन कार्ड है. ये हमारी पहचान हैं. बैंक अकाउंट खोलने से लेकर लोन लेने तक सब कुछ इन पर टिका है. लेकिन एक चौंकाने वाली सच्चाई यह है कि आपका आधार नंबर, नाम, पता, फोटो, फोन नंबर और पैन डिटेल्स डार्क वेब पर सिर्फ 500 रुपये में बिकते हैं. यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि बार-बार सामने आने वाली हकीकत है.

डार्क वेब इंटरनेट का वो अंधेरा हिस्सा है जहां गूगल या क्रोम से सर्च नहीं होता. यहां हैकर्स चोरी का डेटा खरीद-बेचते हैं. कोई भी साधारण व्यक्ति वॉट्सऐप या टेलीग्राम पर एजेंट से संपर्क करके अपना काम करवा लेता है.

2018 में ट्रिब्यून अखबार ने खुलासा किया था कि 500 रुपये देकर किसी का भी पूरा आधार डेटा निकलवा सकते हैं. एजेंट यूजर आईडी-पासवर्ड दे देता है और आप UIDAI की वेबसाइट पर जाकर नाम, पता, फोटो सब देख सकते हैं. थोड़े और पैसे में फर्जी कार्ड भी प्रिंट हो जाता है.

UIDAI ने इसे नकारा, लेकिन रिपोर्टर पर केस भी दर्ज किया. अब बात बड़े लीक की करते हैं. 2023 में 81.5 करोड़ भारतीयों का डेटा डार्क वेब पर मात्र 80 हजार डॉलर (करीब 67 लाख रुपये) में बिका. यानी प्रति व्यक्ति पैसे के हिसाब से कुछ पैसे भी नहीं.

2.5 लाख रुपये में बिका था डेटा
2024 में 75 करोड़ लोगों का मोबाइल नंबर, घर का पता और आधार डेटा सिर्फ 2.5 लाख रुपये में बिकने लगा. ये डेटा कोविन, ICMR जैसी सरकारी साइट्स, बैंक, टेलीकॉम कंपनियों और ऑनलाइन ऐप्स से लीक होता है.

कई बार अंदरूनी कर्मचारी पैसे लेकर डेटा बेच देते हैं. फिशिंग हमलों में लोग खुद OTP या डिटेल्स शेयर कर बैठते हैं. जब डेटा लीक हो जाता है तो खतरा बहुत बड़ा होता है. कोई भी आपके नाम पर लोन ले सकता है, बैंक अकाउंट खाली कर सकता है या फर्जी दस्तावेज बनाकर ठगी कर सकता है. पहचान चोरी हो जाती है और सालों तक परेशानी रहती है.

सरकार कहती है कि आधार सुरक्षित है और बायोमेट्रिक डेटा नहीं लीक होता. लेकिन हर साल नए लीक सामने आते रहते हैं. नया डेटा प्रोटेक्शन कानून बना है, लेकिन सख्ती कम दिखती है.तो हम क्या करें?

  1. कभी अनजान लिंक पर क्लिक न करें.
  2. OTP किसी से शेयर न करें.
  3. मजबूत पासवर्ड यूज करें.
  4. नियमित UIDAI वेबसाइट पर जाकर अपने डेटा चेक करें.
  5. शक हो तो साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें.
  6. दोस्तों और परिवार को भी जागरूक करें.

डिजिटल भारत में सतर्क रहना हमारी जिम्मेदारी है. 500 रुपये में आपकी पूरी जिंदगी बिक सकती है, इसलिए आज से ही सावधानी बरतना जरूरी है.



Source link

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest posts