Saturday, May 16, 2026
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ICICI Bank Asset Quality Improves, NPA Drops to 1.53%; Sandeep Bakhshi MD-CEO for 2 Years

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मुंबई9 घंटे पहले

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देश के दूसरे सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ICICI बैंक ने शनिवार (17 जनवरी) को अपने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 4% गिरकर 11,318 करोड़ रुपए रहा।

पिछले साल की इसी तिमाही में बैंक ने 11,792 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया था। मुनाफे में आई यह गिरावट बाजार के अनुमान से ज्यादा है, क्योंकि एक्सपर्ट्स ने इसके 12,300 करोड़ रुपए के आसपास रहने की उम्मीद जताई थी।

ब्याज से होने वाली आय 7.7% बढ़ी

मुनाफे में गिरावट के बावजूद बैंक की ब्याज से होने वाली आय (नेट इंटरेस्ट इनकम- NII) में बढ़त देखी गई है। यह सालाना आधार पर 7.7% बढ़कर 21,932.2 करोड़ रुपए हो गई है। पिछले साल समान अवधि में यह 20,371 करोड़ रुपए थी। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 4.3% पर स्थिर बना हुआ है।

संदीप बख्शी बने रहेंगे बैंक के CEO

नतीजों के साथ ही बैंक के बोर्ड ने संदीप बख्शी को दोबारा मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उनका नया कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 3 अक्टूबर 2028 तक यानी 2 साल के लिए होगा।

हालांकि, इस नियुक्ति के लिए अभी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी मिलना बाकी है। बख्शी साल 2018 से बैंक की कमान संभाल रहे हैं।

एसेट क्वालिटी में सुधार, फंसे हुए कर्ज कम हुए

बैंक के लिए राहत की बात उसकी एसेट क्वालिटी रही। बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) घटकर 1.53% पर आ गया है, जो पिछली तिमाही (Q2 FY26) में 1.58% था।

इसी तरह नेट NPA भी 0.39% से घटकर 0.37% रह गया है। बैंक का कहना है कि लोन रिकवरी और बेहतर मैनेजमेंट के कारण एसेट क्वालिटी में यह मजबूती आई है।

प्रोविजनिंग बढ़ने से मुनाफे पर पड़ा असर

ICICI बैंक के मुनाफे में गिरावट की एक बड़ी वजह प्रोविजनिंग में बढ़ोतरी को माना जा रहा है। RBI के सख्त नियमों और लोन पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने के लिए बैंक ने इस तिमाही में ज्यादा फंड अलग रखा है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट की बात करें तो इसमें सालाना आधार पर 6% की ग्रोथ दर्ज की गई है।

HDFC और यस बैंक के नतीजे भी आए

शनिवार को ही बैंकिंग सेक्टर के दो अन्य दिग्गजों ने भी अपने नतीजे पेश किए। HDFC बैंक का नेट प्रॉफिट 11% बढ़कर 18,654 करोड़ रुपए रहा। वहीं, यस बैंक के मुनाफे में 55% का जबरदस्त उछाल देखा गया और यह 952 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। बैंकिंग सेक्टर के इन नतीजों का असर सोमवार को शेयर बाजार की चाल पर देखने को मिल सकता है।

क्या होता है प्रोविजनिंग और NPA?

  • NPA: जब कोई ग्राहक 90 दिनों तक बैंक की किश्त या ब्याज नहीं चुकाता, तो उसे ‘नॉन-परफॉर्मिंग एसेट’ यानी फंसा हुआ कर्ज माना जाता है।
  • प्रोविजनिंग: बैंक को अपने मुनाफे का एक हिस्सा उन कर्जों के लिए अलग रखना पड़ता है, जिनके डूबने की आशंका होती है। जब प्रोविजनिंग बढ़ती है, तो बैंक का नेट प्रॉफिट कम हो जाता है।

बाजार के जानकारों का मानना है कि भले ही नेट प्रॉफिट में मामूली कमी आई है, लेकिन ICICI बैंक के कोर बिजनेस (NII) और एसेट क्वालिटी में मजबूती बनी हुई है। संदीप बख्शी का कार्यकाल बढ़ना बैंक में स्थिरता का संकेत है, जिसे निवेशक पसंद कर सकते हैं।

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