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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13% घटकर 16,971 करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में प्रॉफिट ₹19,407 करोड़ था। हालांकि, इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 13% बढ़कर 2.98 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है। एक साल पहले की समान तिमाही यानी जनवरी-मार्च 2025 में 2.64 लाख करोड़ रुपए रहा था। रिलायंस के बोर्ड ने ₹6 प्रति शेयर डिविडेंड यानी लाभांश की सिफारिश भी की है। अंबानी बोले- ग्लोबल चुनौतियों के बीच रिलायंस का प्रदर्शन स्थिर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने नतीजों पर कहा कि पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान हमें भू-राजनीतिक बाधाओं, ऊर्जा की अस्थिर कीमतों और बदलते ग्लोबल ट्रेड पैटर्न का सामना करना पड़ा। इन चुनौतियों का असर दुनिया भर के बिजनेस पर पड़ा है। हालांकि, हमारे मजबूत पोर्टफोलियो और घरेलू बाजार पर पकड़ की वजह से हम अस्थिरता से निपटने में सफल रहे। अंबनी बोले- जियो प्लेटफॉर्म के IPO की दिशा में तेजी से बढ़ रहे मुकेश अंबानी ने जियो के आईपीओ को लेकर कहा कि “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हम जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग (IPO) की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं।” अंबानी ने आगे कहा कि जैसे-जैसे कंपनी अपना विस्तार करेगी, यह लिस्टिंग एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। ऑयल एंड गैस बिजनेस पर दबाव से घटा रिलायंस का मुनाफा चौथी तिमाही में रिलायंस के मुनाफे में 13% की गिरावट की वजह कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) और ऑयल एंड गैस बिजनेस पर पड़ा दबाव है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, माल ढुलाई और इंश्योरेंस खर्चों में बढ़ोतरी ने मार्जिन कम कर दिया। विंडफॉल टैक्स का भी असर पड़ा। कंपनी के पांच मेन सेगमेंट हैं- रिलायंस जियो (जियो प्लेटफॉर्म), रिटेल, डिजिटल, ऑयल टू केमिकल्स (O2C) और ऑयल एंड गैस। यहां हम एक-एक कर सभी का तीसरी तिमाही का परफॉर्मेंस बता रहे हैं… 1. जियो के नतीजे चौथी तिमाही में जियो का मुनाफा 13% बढ़कर ₹7,935 करोड़ हो गया। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 13% बढ़कर 44,928 करोड़ रुपए रहा। कंपनी का प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) बढ़कर ₹214 पर पहुंच गया है। एक साल पहले की तिमाही में यह ₹206 था। 2. रिलायंस रिटेल ईशा अंबानी की लीडरशिप वाली रिलायंस रिटेल ने चौथी तिमाही में स्थिर प्रदर्शन करते हुए ₹3,563 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। ये पिछले साल के मुकाबले 0.5% ज्यादा है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 11.1% बढ़कर ₹87,344 करोड़ पर पहुंच गया। इसका रजिस्टर्ड कस्टमर बेस 10.9% की ग्रोथ के साथ 38.7 करोड़ हो गया है। इस तिमाही में 333 नए स्टोर्स खुलने के साथ ही कुल स्टोर्स की संख्या अब 20,160 हो गई है। 3. डिजिटल (जियोस्टार) जियोस्टार ने 9,784 करोड़ रुपए का रेवेन्यू दर्ज किया है। टेलीविजन मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 34.2% रही और यह 81 करोड़ दर्शकों तक पहुंचा। डिजिटल प्लेटफॉर्म जियोहॉटस्टार के मंथली एक्टिव यूजर्स 50 करोड़ रहे। टी20 मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल के दौरान 7.25 करोड़ यूजर्स ने एक साथ स्ट्रीमिंग देखी, जो एक वैश्विक रिकॉर्ड है। 4. ऑयल टू केमिकल्स ऑयल-टू-केमिकल (O2C) सेगमेंट का रेवेन्यू 12% बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपए रहा। हालांकि, इसका EBITDA 4% गिरकर 14,520 करोड़ रुपए रह गया। मुनाफे पर दबाव की मुख्य वजह कच्चे तेल के प्रीमियम में बढ़ोतरी, माल ढुलाई और इंश्योरेंस की ऊंची लागत रही। साथ ही, डीजल और ATF के एक्सपोर्ट पर विंडफाल टैक्स दोबारा लगने से भी कमाई पर असर पड़ा है। मुकेश अंबानी ने बताया कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद कंपनी ने घरेलू बाजार में फ्यूल की सप्लाई को प्रभावित नहीं होने दिया। 5. ऑयल एंड गैस सेगमेंट यह सेगमेंट थोड़ा कमजोर दिखा। इसका रेवेन्यू 9% गिरकर ₹5,867 करोड़ रहा। केजी-डी6 (KG-D6) बेसिन से गैस प्रोडक्शन में थोड़ी कमी और गैस की कीमतों में आई गिरावट (जो $10.09 से घटकर $9.63 रह गई) की वजह से मुनाफे में 18% की कमी आई। इस साल अब तक 15% गिरा रिलायंस का शेयर शुक्रवार, 24 अप्रैल को FY26 की चौथी तिमाही के नतीजों से पहले रिलायंस का शेयर 0.92% गिरकर 1,331 के स्तर पर बंद हुआ। बीते 5 दिन में कंपनी का शेयर 2.43% गिरा है। इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक शेयर 15% गिरा है। वहीं एक साल में ये फ्लैट ही रहा। रिलायंस का मार्केट कैप 18.01 लाख करोड़ रुपए हैं। भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर कंपनी है रिलायंस रिलायंस भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर कंपनी है। ये अभी हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन, पेट्रोलियम रिफाइनिंग और मार्केटिंग, पेट्रोकेमिकल्स, एडवांस मटेरियल और कंपोजिट, रिन्यूएबल एनर्जी, डिजिटल सर्विस और रिटेल सेक्टर में काम करती है।
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रिलायंस का मुनाफा 13% गिरकर ₹16,971 करोड़ रहा:चौथी तिमाही में रेवेन्यू 13% बढ़कर ₹2.98 लाख करोड़ पहुंचा; शेयर होल्डर को ₹6 लाभांश मिलेगा
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