बीकाजी के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल (74) आज (शुक्रवार) बीकानेर में उनका अंतिम संस्कार होगा। उनके इकलौते बेटे दीपक अग्रवाल मुखाग्नि देंगे।
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23 अप्रैल (गुरुवार) की सुबह चेन्नई में हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया था। बीकानेर में उन्हें शिवरतन अग्रवाल से ज्यादा ‘फन्ना बाबू’ के नाम से जाना जाता था।
शिवरतन अग्रवाल की पार्थिव देह गुरुवार रात करीब साढ़े 9 बजे चार्टर प्लेन से बीकानेर लाई गई। 4 चार्टर प्लेन में उनके परिवार के लोग भी बीकानेर पहुंचे हैं।
अंतिम यात्रा आज सुबह 10 बजे सार्दुलगंज स्थित आवास से नत्थूसर गेट होते हुए सतीमाता मंदिर के पास अग्रवाल समाज के श्मशान घाट पहुंचेगी। यहां अंतिम संस्कार होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। वो सुबह नई दिल्ली से बीकानेर के नाल पहुंचेंगे।
बीकानेर व्यापार मंडल अध्यक्ष जुगल राठी ने बताया- शुक्रवार को दोपहर 2 बजे तक शहर के बाजार बंद रहेंगे।

बीकाजी के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल की अंतिम यात्रा बीकानेर के सार्दुलगंज स्थित आवास से निकलेगी।
ऐसे पड़ा था बीकाजी नाम शिवरतन अग्रवाल चाहते थे कि असली भारतीय टेस्ट को पूरी दुनिया में पहचान मिले। उन्हें लगा कि ब्रांड का नाम ऐसा हो, जो सभी को आसानी से याद हो जाए और एक यूनीक पहचान भी दे। यह नाम बीकानेर शहर के संस्थापक राव बीका के नाम पर है। बीकानेर शहर का नाम भी राव बीका के नाम पर ही रखा गया था।
फैक्ट्री में प्रोडक्शन और सप्लाई पर रोक लगाई शिवरतन अग्रवाल ने साल 1993 में बीकानेर में बीकाजी ब्रांड की स्थापना की थी। छोटे स्तर से शुरू हुआ यह कारोबार आज एक बड़े फूड ब्रांड के रूप में स्थापित है।
शिवरतन अग्रवाल के निधन के बाद बीकानेर के करणी और बीछवाल इंडस्ट्रियल एरिया में बनी फैक्ट्री में प्रोडक्शन से लेकर सप्लाई तक रोक दी गई है।
बीकानेर की इस फैक्ट्री में रोजाना 800 टन का प्रोडक्शन होता है। इसमें 150 टन से ज्यादा भुजिया का उत्पादन है। बाकी मिठाई, चिप्स, पापड़ और बेकरी के आइटम बनते हैं।

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