Saturday, May 16, 2026
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Blinkit 10 Minute Delivery Deadline Update; Swiggy Zomato | Time Limit | ब्लिंकिट ने हटाया ’10 मिनट में डिलीवरी’ का दावा: हड़ताल और सरकार के दखल के बाद फैसला; जेप्टो, स्विगी-जोमैटो भी टाइम लिमिट हटाएंगे

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नई दिल्ली5 मिनट पहले

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ब्लिंकिट जैसी क्विक कॉमर्स कंपनियों ने अब ’10 मिनट में डिलीवरी’ का दावा हटा दिया है। यह बदलाव डिलीवरी बॉयज की हड़ताल और सरकार के दखल के बाद आया है।

सरकार के साथ हुई बैठक में ब्लिंकिट के अलावा स्विगी, जोमैटो और जेप्टो ने भी भरोसा दिया है कि वे अब ग्राहकों से समय सीमा का वादा करने वाले विज्ञापन नहीं करेंगे।

वर्कर की जान की कीमत पर बिजनेस नहीं चलेगा

केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने हाल ही में इन कंपनियों के टॉप अधिकारियों के साथ अहम बैठक की।

  • श्रम मंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि कंपनियों का बिजनेस मॉडल वर्कर्स की जान जोखिम में डालकर नहीं चलना चाहिए।
  • 10 मिनट जैसी समय सीमा न केवल राइडर्स के लिए खतरनाक है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी जोखिम पैदा करती है।
  • सरकार अब गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा और बेहतर कार्य स्थितियों पर एक व्यापक पॉलिसी बनाने की तैयारी में है।

मार्केटिंग स्ट्रैटजी में कंपनियां बदलाव करेंगी

अब ये कंपनियां अपनी मार्केटिंग स्ट्रैटजी में बदलाव करेंगी। अब तक ’10 मिनट’ इन कंपनियों का सबसे बड़ा यूएसपी हुआ करता था। हालांकि, कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी (कार्यक्षमता) को कम नहीं करेंगी, लेकिन विज्ञापनों के जरिए ग्राहकों में ऐसी उम्मीद नहीं जगाएंगी जिससे राइडर्स पर दबाव बने।

क्विक कॉमर्स मॉडल पर उठ रहे थे सवाल

पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और कई मंचों पर 10-15 मिनट की डिलीवरी सर्विस की आलोचना हो रही थी। विशेषज्ञों का मानना था कि इतने कम समय में डिलीवरी का दबाव राइडर्स को तेज गाड़ी चलाने और रेड लाइट जंप करने के लिए मजबूर करता है। सड़क सुरक्षा से जुड़े संगठनों ने भी सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी।

गिग वर्कर्स ने 31 दिसंबर को हड़ताल की थी

कम कमाई और 10 मिनट में डिलीवरी के प्रेशर से परेशान गिग वर्कर्स ने न्यू ईयर से पहले 31 दिसंबर को हड़ताल की थी, जिसमें स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट, जेप्टो जैसी कंपनियों के राइडर्स शामिल थे। इससे पहले गिग वर्कर्स ने 25 दिसंबर को क्रिसमस पर भी हड़ताल की थी। इन हड़ताल में गिग वर्कर्स ने 10 मिनट में डिलीवरी मॉडल को खत्म करने समेत कई मांगें की थीं।

क्या है क्विक कॉमर्स ?

  • क्विक कॉमर्स को 15-30 मिनट के भीतर ग्रॉसरी और अन्य सामान पहुंचाने वाला मॉडल कहा जाता है।
  • यह ‘डार्क स्टोर्स’ (छोटे गोदामों) के नेटवर्क पर आधारित होता है, जो रिहायशी इलाकों के 2-3 किलोमीटर के दायरे में होते हैं।

गिग वर्कर्स की स्थिति

  • भारत में लगभग 80 लाख से ज्यादा लोग गिग इकोनॉमी (डिलीवरी, कैब आदि) से जुड़े हैं।
  • नीति आयोग के अनुमान के मुताबिक, 2030 तक यह संख्या बढ़कर 2.35 करोड़ हो सकती है।

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