Saturday, May 23, 2026
HomeदेशIndia Pakistan Military Conflict: वीरान नजर आ रहे सीमा पर बसे गांव,...

India Pakistan Military Conflict: वीरान नजर आ रहे सीमा पर बसे गांव, कैसे भारत-पाकिस्तान संघर्ष ने टूरिज्म पर डाला असर?

-


Last Updated:

India Pakistan Conflict: सुचेतगढ़ का पर्यटक गांव हालिया भारत-पाक संघर्ष के कारण वीरान हो गया है. बीएसएफ परेड स्थगित होने से रेस्तरां मालिकों और दुकानदारों की आमदनी घट गई है. सभी को स्थिति सामान्य होने की उम्मीद…और पढ़ें

वीरान नजर आ रहे सीमा पर बसे गांव, कैसे भारत-पाक संघर्ष ने टूरिज्म पर डाला असर?

पाकिस्तान की वजह से जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को थोड़ा नुकसान हुआ है. (फाइल फोटो)

हाइलाइट्स

  • भारत-पाकिस्तान तनाव से सीमा पर बसे गांवों के पर्यटन पर बुरा असर पड़ा है.
  • सुचेतगढ़ में टूरिस्टों का आना पूरी तरह से बंद हो गया है.
  • पहलगाम हमले के बाद वाघा-अटारी बॉर्डर को भारत ने बंद कर दिया.

श्रीनगर. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों की वाघा-अटारी जैसी परेड के लिए लोकप्रिय जम्मू के बाहरी इलाके में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित सुचेतगढ़ का पर्यटक गांव इन दिनों वीरान नजर आ रहा है. भारत और पाकिस्तान के सैन्य संघर्ष ने गांव को बड़ा झटका दिया है. इस गांव को सरकार के सीमा पर्यटन संवर्धन कार्यक्रम के तहत अक्टूबर 2021 में पहली बार पर्यटकों के लिए खोला गया था.

होटल और रेस्तरां मालिक, दुकानदार और घोड़ागाड़ी संचालक व अन्य हितधारक चिंतित हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद भी है कि भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए बनी सहमति से पर्यटकों की वापसी होगी और यह क्षेत्र फिर से गुलजार होगा.

रेस्तरां मालिक सुनील कुमार ने पीटीआई को बताया, “हाल ही में सीमा पर हुई झड़पों के मद्देनजर पर्यटकों की संख्या बिल्कुल न के बराबर हो गई है. सैन्य कार्रवाई रोकने पर बनी सहमति के बावजूद पिछले सप्ताह शायद ही कोई पर्यटक यहां आया हो.”

भारत और पाकिस्तान द्वारा फरवरी 2021 में सीमा पर संघर्षविराम समझौते के नवीनीकरण की घोषणा किए जाने के बाद सुचेतगढ़ एक पर्यटन स्थल के रूप में उभरा. यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई.

वीकेंड पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों की परेड सहित वाघा-अटारी जैसे समारोह की शुरुआत जम्मू कश्मीर के और बाहर के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण साबित हुई. हालिया झड़पों के बाद पिछले सप्ताह बीएसएफ ने परेड को स्थगित कर दिया.

कुमार ने कहा, “पहले हमारा रेस्तरां भरा रहता था… खासकर सप्ताहांत पर, बीएसएफ के बीटिंग रिट्रीट समारोह के दौरान हमारी बिक्री 15,000 से 20,000 रुपये तक पहुंच जाती थी. अब हम मुश्किल से 2,000 से 3,000 रुपये कमा पा रहे हैं, क्योंकि पाकिस्तानी गोलेबारी के बाद लोगों ने आना बंद कर दिया है.”

रेस्तरां मालिक ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि स्थिति सामान्य होने पर सीमावर्ती क्षेत्र में पर्यटन फिर से शुरू हो जाएगा. क्षेत्र में चाय और मिठाई की दुकान संचालित करने वाले महेंद्र लाल ने कहा कि उनके लिए भी स्थिति उतनी ही गंभीर है. उन्होंने कहा, “हमारा काम ठप हो गया है और हमने पर्यटकों की कमी के कारण लोकप्रिय ‘मिल्क केक’ सहित अन्य मिठाइयां बनाना बंद कर दिया है…जहर बांट रहे पाकिस्तान के विपरीत हम मिठाई बेचते थे. हम केवल यही उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान कुछ समझदारी दिखाए और बेहतर संबंधों के लिए शांति को मजबूत करे.”

authorimg

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें

भारत पाकिस्तान की ताज़ा खबरें News18 India पर देखें
homenation

वीरान नजर आ रहे सीमा पर बसे गांव, कैसे भारत-पाक संघर्ष ने टूरिज्म पर डाला असर?



Source link

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest posts