
कांग्रेस पार्टी को पाकिस्तान का सबसे बड़ा स्लीपर सेल कहा जा सकता है और उससे भी सही कहा जाए तो पाकिस्तान और कांग्रेस पार्टी का 1947 से ही “निकाह” हो रखा है – आपको पता है निकाह एक अनुबंध (Contract) होता है और पुरुष / महिला के बीच होता है – पाकिस्तान पुल्लिंग है और कांग्रेस पार्टी स्त्रीलिंग और इनका निकाह भी ऐसा ही अनुबंध है कि हर हाल में एक दूसरे का साथ देते हैं – कभी कभी झगड़ा होता है लेकिन फिर “हलाला” कर लेते हैं – जबसे नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, पाकिस्तान और कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर से जन्म जन्म का साथ देने के लिए निकाह किया – आज वह निकाहनामा ही वजह है कि फौरी तौर पर तो कांग्रेस पहलगाम के विषय में सरकार के साथ है लेकिन अनेक नेता पाकिस्तान के साथ खड़े हैं –गांधी परिवार के दामाद रॉबर्ट वाड्रा बोले हिंदुओं का धर्म पूछ कर आतंकियों ने इसलिए मारा क्योंकि मुसलमानों को दबाया जा रहा है – मतलब रॉबर्ट वाड्रा मान गए वह इस्लामिक हमला था लेकिन सही था;-कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया बोले पाकिस्तान से युद्ध की कोई जरूरत नहीं है और पहलगाम हमले के लिए सुरक्षा एजेंसियों को जिम्मेदार बताया – फिर जब बयान की निंदा हुई तो सफाई दी कि उनका मतलब था कि यदि युद्ध आवश्यक है तो केवल पाकिस्तान से हो (“I mentioned that war is inevitable but must be with Pakistan”)अब इनसे पूछो, कि पहलगाम हमले के उत्तर में पाकिस्तान से नहीं तो और किससे युद्ध होगा;-एक नेता विजय वांदित्तीवर बोले आतंकियों का कोई धर्म और जाति नहीं होती – धर्म पूछ कर मारने का आतंकियों के पास समय ही नहीं था;-बी के हरिप्रसाद ने कहा कि “पाकिस्तान हमारा शत्रु नहीं है”;-आर बी तिम्मापुर ने कहा “क्या कोई गोली मारने वाला धर्म पूछ कर मारेगा”;-मणिशंकर अय्यर तो आगे बढ़ गए और कहा विभाजन के अनसुलझे सवालों का नतीजा है पहलगाम हमला और सिंधु जलसमझौता कैसे ख़त्म कर सकते हो – सवाल अनसुलझे थे तो तुम्हारी सरकार क्या 60 साल तक घुईया छीलती रही -कल यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने राफेल के खिलौने पर नींबू मिर्च लटका कर कहा कि इससे हमला करो पाकिस्तान पर, ये क्या सजाने के लिए रखा है – वह राफेल का मजाक ही नहीं उड़ा रहा थे बल्कि कह रहा थे कि पाकिस्तान तुम्हारे इस राफेल को निपटा देगा -जिसके मुंह में जो आ रहा है, वह बोल रहा है और ऐसे नेताओं के सभी बयान पाकिस्तान इस्तेमाल कर रहा है -एक दिन पहले शहजादे राहुल ने कहा, “मेरी दादी होती तो अब तक पाकिस्तान से बदला ले लिया होता” – लेकिन पप्पू को पता नहीं इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश के समय सेना को 6 महीने का समय दिया था तैयारी का – और जब बालाकोट हुआ था तो यही राहुल गांधी सबूत मांगते फिर रहे थे जो अबकी बार फिर मांगा जाएगा जब भी मोदी कार्रवाई करेंगे -राहुल गांधी को याद होगा 26 / 11 के समय ये खुद पार्टी कर रहे थे और जो आज बदले की बात कर रहे हैं, वह याद करे कि इनकी माताश्री उस समय “सुपर पीएम” थी लेकिन पाकिस्तान से मुंबई हमले में 170 लोगों की मौत का कोई बदला नहीं लिया गया क्योंकि उससे भाजपा को फायदा होने का डर था -यह दुर्भाग्य है कि भारत दुश्मनों से भरा हुआ देश है – CDS बिपिन रावत ढाई मोर्चे पर लड़ने की बात करते थे लेकिन उनका आधा मोर्चा अब पूरा मोर्चा बन चुका है, “भारत का अंदरूनी मोर्चा” – इस मोर्चे को मिला कर अब युद्ध के 4 मोर्चे हैं, पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश – कांग्रेस” के एक नेता संदीप दीक्षित महान रावत जी को “गली का गुंडा” कहते थे – ये पाकिस्तान के चापलूस भला क्या भारत का साथ देंगे, ये तो पाकिस्तान की ही जय जयकार चाहेंगे ।

