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ऑस्ट्रेलियाई मैथ्यू राडाल्ज ने बीजिंग जेल में बिताए पांच साल के भयावह अनुभव का खुलासा किया, जिसमें यातना, मानसिक उत्पीड़न, जबरन श्रम और अमानवीय स्थिति शामिल हैं.
चीन के जेल में 5 साल कैसे गुजरा, कैदी ने बताया.
बीजिंग: एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक मैथ्यू राडाल्ज ने बीजिंग नंबर 2 जेल में बिताए अपने पांच साल के भयावह अनुभव को बताया है. बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह जेल चीन की प्रमुख जेलों में से एक है. यहां अंतरराष्ट्रीय कैदियों को रखा जाता है. राडाल्ज ने जेल में यातना, मनोवैज्ञानिक उत्पीड़न, जबरन श्रम और अमानवीय रहन-सहन की स्थिति का खुलासा किया है.
राडाल्ज पेशे से वीडियो प्रोड्यूसर हैं. 2 जनवरी 2020 को बीजिंग के एक इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में दुकानदारों से झगड़ा के बाद गिरफ्तार किया गया था. विवाद उनके फोन की स्क्रीन ठीक करने की कीमत को लेकर शुरू हुआ. बाद में पुलिस ने उनके खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज करके जेल में डाल दिया.
राडाल्ज ने बताया, ‘जब मुझे गिरफ्तार किया गया, मैं बहुत खराब हालत में था. पहले पुलिस स्टेशन में मुझे दो दिन तक लगातार पीटा गया. 48 घंटे तक मुझे न सोने दिया गया, न खाना दिया गया, न पानी. फिर मुझसे जबरन ढेर सारे डॉक्यूमेंट्स पर हस्ताक्षर करवाए गए.’
सजा घटाया गया
उन्होंने बताया कि उन्हें डकैती का झूठा इकबालिया बयान देने के लिए मजबूर किया गया. उन्हें बताया गया कि 100% दोषसिद्धि दर वाले सिस्टम में अपनी सफाई देना बेकार होगा. अदालती दस्तावेजों के अनुसार, इस इकबालिया बयान के कारण उनकी सजा को सात साल से घटाकर चार साल कर दिया गया.
जेल का अमानवीय माहौल
मुख्य जेल में स्थानांतरित होने से पहले, राडाल्ज ने कई महीने एक डिटेंसन सेंटर में रखा गया. उन्होंने बताया कि यहां कैदियों को स्वच्छता, नहाने की सुविधा या साफ शौचालय तक से वंचित रखा जाता था. उन्होंने कहा, ‘हमें महीनों तक नहाने या खुद को साफ करने की अनुमति नहीं थी. शौचालय का उपयोग केवल निर्धारित समय पर किया जा सकता था, और वे बेहद गंदे थे. ऊपर के शौचालयों से लगातार मलमूत्र टपकता रहता था.’
विदेशी कैदियों की भरमार
राडाल्ज ने बताया कि मुख्य जेल में भेजने के बाद कैदियों को तंग और भीड़भाड़ वाले सेल में रखा जाता था. यहां 24 घंटे लाइट रोशनी रहती थी. खाना और सोना एक ही तंग जगह में होता था. जेल में पाकिस्तान, नाइजीरिया, अफगानिस्तान, ब्रिटेन, अमेरिका, लैटिन अमेरिका और ताइवान जैसे देशों के कैदी थे. इनमें से कई ड्रग से संबंधित अपराधों के लिए सजा काट रहे थे. राडाल्ज का यह खुलासा चीन की जेल प्रणाली में मानवाधिकारों के उल्लंघन और कैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार की गंभीर स्थिति को उजागर करता है.

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें
दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व… और पढ़ें

