Thursday, May 21, 2026
Homeव्यापारकामत ने चेताया,उधार लेकर शेयर ट्रेडिंग का ट्रेंड डुबो देगा:मिड, स्मॉल कैप...

कामत ने चेताया,उधार लेकर शेयर ट्रेडिंग का ट्रेंड डुबो देगा:मिड, स्मॉल कैप शेयरों में सर्किट लगने पर न निवेशक निकल सकता है, न ब्रोकर

-




देश के शेयर बाजार में इन दिनों मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी यानी एमटीएफ का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। जीरोधा के सह-संस्थापक नितिन कामत ने इस रफ्तार को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि एमटीएफ ब्रोकर्स के लिए आसान कमाई का जरिया नजर आता है, लेकिन अगर एक भी बुरा दिन आया और रिस्क मैनेजमेंट चूका, तो सारी कमाई एक ही झटके में खत्म हो सकती है। यही नहीं, इसका असर पूरे फाइनेंशियल सिस्टम पर पड़ सकता है।
कामत ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि ब्रोकर्स की एमटीएफ बुक बढ़ रही है, जबकि बाजार न ऊपर जा रहा, न नीचे। यह असंतुलन खतरनाक है। उन्होंने इसकी तुलना दक्षिण कोरिया से करते हुए कहा कि वहां का शेयर बाजार एक साल में करीब 150% चढ़ा है, इसलिए लोग उस तेजी का फायदा उठाने के लिए उधार ले रहे हैं। भारत की स्थिति अलग है। यहां बाजार स्थिर है, पर एमटीएफ बढ़ रही है, जो खतरनाक संकेत है। कामत ने एमटीएफ का सबसे बड़ा जोखिम समझाते हुए कहा कि अगर किसी शेयर में भारी गिरावट आती है और वह मार्जिन से ज्यादा (जैसे 20% से अधिक) टूटता है, तो नुकसान की भरपाई ब्रोकर को करनी पड़ती है। ग्राहक से घाटा वसूलना अक्सर मुश्किल होता है। मामला गंभीर तब हो जाता है जब ग्राहक किसी शेयर को गिरवी रखकर उसी में निवेश बढ़ाता है। मिड और स्मॉल कैप शेयरों में सर्किट लगने पर न निवेशक निकल सकेगा, न ब्रोकर। कामत ने बताया कि पूरी ब्रोकरेज इंडस्ट्री की एमटीएफ बुक का करीब 50% हिस्सा उन शेयरों में है, जो एफएंडओ (वायदा) सेगमेंट में नहीं हैं। यानी जहां हेजिंग का विकल्प नहीं है। कामत ने चेताया कि कुछ ब्रोकर्स की एमटीएफ बुक उसकी नेटवर्थ (कुल संपत्ति) का 500% तक पहुंच सकता है। अगर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट आती है, तो ऐसे ब्रोकर्स उन एमटीएफ पोजिशन में फंस सकते हैं, जिनसे बाहर निकलना संभव ही नहीं होगा। कामत ने यह भी कहा कि प्रतिस्पर्धा के दबाव में जल्द कोलैटरल मार्जिन को एमटीएफ खरीदारी के लिए अनुमति देनी पड़ सकती है, जो अब तक प्रतिबंधित है। ऐसा होने पर जोखिम और बढ़ेगा। एमटीएफ क्या है, इससे खतरा किस मामले है? एमटीएफ यानी मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी ऐसी सुविधा है, जिसमें निवेशक ब्रोकर से उधार लेकर शेयर खरीद सकता है। निवेशक कुछ रकम खुद लगाता है, बाकी ब्रोकर देता है। फायदा होने पर निवेशक को ज्यादा मुनाफा मिलता है, लेकिन नुकसान की स्थिति में ब्रोकर को भी घाटा उठाना पड़ सकता है। अगर शेयर में भारी गिरावट आए और सर्किट लग जाए, तो न निवेशक बाहर निकल सकता है और न ब्रोकर। यही वो ‘एक बुरा दिन’ है, जिसकी चेतावनी कामत ने दी है।



Source link

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest posts