मन की बात 134वीं कड़ी: खेलों में भारत के उभरते सितारे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ अपने 134वें एपिसोड में खेल और युवाओं को समर्पित रहा। 2026 के इस एपिसोड में पीएम मोदी ने देश के उन 5 युवा एथलीटों का ज़िक्र किया जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहरा रहे हैं। ये कहानी सिर्फ मेडल की नहीं, बल्कि मेहनत, लगन और नए भारत के जज़्बे की है।
कौन हैं ये 5 सितारे?
1. गुरिंदरवीर सिंह
पंजाब के होनहार स्प्रिंटर गुरिंदरवीर 100 मीटर और 4×100 मीटर रिले के माहिर हैं। नेशनल चैंपियनशिप में कई गोल्ड जीत चुके गुरिंदरवीर की रफ्तार को देखकर एक्सपर्ट्स इन्हें ‘नेक्स्ट फ्लाइंग सिख’ कह रहे हैं। 10.30 सेकंड से कम में 100 मीटर दौड़ने वाले गिने-चुने भारतीयों में इनका नाम है। एशियन गेम्स 2026 के लिए ये बड़ी उम्मीद हैं।
2. विशाल टीके
कर्नाटक के विशाल टीके 400 मीटर और 4×400 मीटर रिले में भारत की शान हैं। 2025 नेशनल गेम्स में गोल्ड जीतकर इन्होंने सबका ध्यान खींचा। विशाल की खासियत है आखिरी 100 मीटर में उनकी विस्फोटक स्पीड। इनका सपना 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भारत के लिए मेडल लाना है।
3. तेजस्विन शंकर
दिल्ली के तेजस्विन शंकर हाई जंप में भारत का नेशनल रिकॉर्ड 2.29 मीटर के साथ अपने नाम रखते हैं। 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इन्होंने इतिहास रचा था। अमेरिका में पढ़ाई के साथ ट्रेनिंग करने वाले तेजस्विन, युवाओं के लिए रोल मॉडल हैं। मन की बात में पीएम ने इनकी ‘पढ़ाई के साथ खेल’ वाली सोच की तारीफ की।
4. देव मीणा
मध्य प्रदेश के छोटे से गांव से निकले देव मीणा 5000 मीटर और 10000 मीटर के लॉन्ग डिस्टेंस रनर हैं। खेतों की पगडंडियों पर दौड़कर प्रैक्टिस शुरू करने वाले देव आज नेशनल कैंप का हिस्सा हैं। 2025 फेडरेशन कप में सिल्वर जीतकर इन्होंने दिखाया कि संसाधन नहीं, संकल्प बड़ा होता है।
5. कुलदीप कुमार
हरियाणा की मिट्टी से निकले कुलदीप कुमार जेवलिन थ्रो के नए स्टार हैं। नीरज चोपड़ा से प्रेरणा लेकर कुलदीप ने जूनियर नेशनल में 75 मीटर से ज्यादा थ्रो किया है। हरियाणा के खेल नर्सरी सिस्टम की ये देन हैं। कोच का मानना है कि 2027 तक ये 85 मीटर का बैरियर तोड़ देंगे।
मन की बात में क्यों खास?
पीएम मोदी ने कहा कि ये पांचों एथलीट ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का प्रतीक हैं। कोई पंजाब से, कोई कर्नाटक से, कोई दिल्ली से – लेकिन लक्ष्य एक: तिरंगे की शान बढ़ाना। पीएम ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को सिर्फ डॉक्टर-इंजीनियर नहीं, एथलीट बनने के लिए भी प्रोत्साहित करें।
2026 एशियन गेम्स और 2028 ओलंपिक को देखते हुए सरकार ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम’ के तहत इन खिलाड़ियों पर खास ध्यान दे रही है। पीएम ने कहा, “जब ये खिलाड़ी ट्रैक पर दौड़ते हैं तो 140 करोड़ भारतीयों की दुआएं इनके साथ दौड़ती हैं ।
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