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Hypersonic Missile Defence System: मॉडर्न एज वॉर में आर्मी की भूमिका जहां सीमित हुई है तो दूसरी तरफ नेवी और एयरफोर्स का रोल काफी अहम हो गया है. रूस-यूक्रेन और इजरायल-ईरान युद्ध में एयर बैटल देखने को मिला है. बा…और पढ़ें
भारत हाइपरसोनिक मिसाइल को ट्रैक करने वाला सिस्टम डेवलप कर रहा है. (फाइल फोटो)
हाइलाइट्स
- DRDO हाइपरसोनिक मिसाइल को ट्रैक और इंटरसेप्ट करने वाला रडार सिस्टम डेवलप कर रहा
- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एयर डिफेंस सिस्टम की उपयोगिता पूरी तरह से साबित हुई थी
- भारत का देसी नया सिस्टम थाड और आयरना डोम जैसी वायु सुरक्षा प्रणाली से बेहतर होगी
DRDO के एक्सपर्ट कटिंग एज रडार बनाने में जुटा है, जिससे एयर डिफेंस सिस्टम और मजबूत होगा. (फोटो: एपी/फाइल)
हाइपरसोनिक मिसाइल की धार होगी कुंद
रूस की S-500 एयर डिफेंस सिस्टम हाइपरसोनिक मिसाइल को डिटेक्ट, ट्रैक और इंटरसेप्ट करने में सक्षम है. (फोटो: एपी/फाइल)
जल्द होगा ट्रायल
LRDE की ओर से डेवलप किया जा रहा कटिंग एज रडार सिस्टम तूफानी रफ्तार से आने वाली मिसाइलों को आसानी से डिटेक्ट करने में कैपेबल होगा. हाइपरसोनिक मिसाइल का पता चलते ही उसे आसमान में ही तबाह करना काफी आसान हो जाएगा. नई टेक्नोलॉजी स्वार्डफिश लॉन्ग रेंज ट्रैकिंग रडार प्लेटफॉर्म पर भी काम कर सकेगा. बता दें कि स्वार्डफिश लॉन्ग रेंज ट्रैकिंग रडार (LRTR) एक भारतीय एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे (AESA) रडार है, जिसे भारतीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा (BMD) कार्यक्रम के तहत विकसित किया गया है. इसे आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है. यह रडार इज़राइली ग्रीन पाइन रडार से प्रेरित है. यह छोटे टरगेट को लंबी दूरी से डिटेक्ट कर सकता है. रिपोर्ट की मानें तो निकट भविष्य में हाइपरसोनिक मिसाइल को डिटेक्ट करने वाले रडार सिस्टम का ट्रायल किया जा सकता है.
देसी S-500
दुनिया में कुछ देशों के पास एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम है. रूस के S-500 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को दुनिया का सबसे बेहतरीन वायु सुरक्षा प्रणाली माना जाता है. S-500 की यूनिट (बैटरी) की कीमत इंटरनेशनल मार्केट में 2.5 बिलियन डॉलर (21 हजार करोड़ रुपये) है. S-500 डिफेंस सिस्टम हाइपरसोनिक मिसाइल को ट्रैक कर उसे तबाह करने के साथ ही ड्रोन, लो ऑर्बिट सैटेलाइट और स्पेस वेपन से होने वाले अटैक को बेअसर कर सकता है. यह सिस्टम 2000 किलोमीटर तक की बैलिस्टिक मिसइाल टारगेट को डिटेक्ट कर सकता है. इसके अलावा 600 किलोमीटर तक के रेंज तक बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट करने में भी सक्षम है. अमेरिका का THAAD और इजरायल का आयर डोम सिस्टम S-500 से कहीं पीछे है. ये दोनों सिस्टम सुपरसोनिक मिसाइल का पता लगाकर उसे बेअसर कर सकता है. अब इस मामले में भारत का नया रडार सिस्टम अमेरिका और इजरायल से आगे निकल जाएगा.
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
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