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Ministry of Road Transport and Highways-परिवहन मंत्रालय ने ओला, उबर जैसी कैब कंपनियों को ड्राइवरों को न्यूनतम सैलरी और 10 साल का बीमा देने का निर्देश दिया है. नए दिशानिर्देश सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करेंगे.
केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री के अनुसार कैब ड्राइवरों के हितो को ध्यान में रखते हुए फैसला.
केन्द्रीय राज्य मंत्री सड़क परिवहन एवं राजमार्ग अजय टमटा के अनुसार नए दिशानिर्देश इन समस्याओं को हल करने की कोशिश करते हैं. अब कैब कंपनियों को ड्राइवरों को न्यूनतम आय की गारंटी देनी होगी, जो राज्य सरकारें तय करेंगी. ड्राइवरों को रोजाना, साप्ताहिक या हर 15 दिन में भुगतान मिलेगा. साथ ही, हर ड्राइवर को कम से कम 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस देना अनिवार्य होगा. इससे ड्राइवरों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी. कंपनियों का कमीशन अब किराए का 20% से ज्यादा नहीं होगा, ताकि ड्राइवरों को उनकी मेहनत का उचित हिस्सा मिले.
अजय टमटा के अनुसार विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, दिव्यांगजनों के लिए गाड़ियां और ड्राइवरों में उनकी हिस्सेदारी अनिवार्य होगी. साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कंपनियों को अपने बेड़े में इन्हें शामिल करना होगा. यह दिशानिर्देश केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से लागू होंगे. राज्य सरकारें लाइसेंस, किराया नियंत्रण और नियम लागू करेंगी. यह कदम ड्राइवरों को सम्मान और यात्रियों को सुरक्षित, किफायती यात्रा का अधिकार देगा.

