Saturday, May 30, 2026
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फिल्मी डायलॉग पर आंध्र प्रदेश में बवाल, जगन मोहन रेड्डी की सफाई

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Pushpa 2 dialogue controversy: YSRCP कार्यकर्ता द्वारा ‘Pushpa 2’ के डायलॉग वाली तख्ती दिखाने से सियासी बवाल मच गया है. सरकार ने इसे हिंसा फैलाने की कोशिश बताया, जबकि जगन रेड्डी ने कहा कि फिल्मी लाइन को गलत समझ…और पढ़ें

आंध्र के पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी

हाइलाइट्स

  • पुष्पा 2 के डायलॉग पर आंध्र प्रदेश में सियासी बवाल मच गया है.
  • YSRCP कार्यकर्ता की तख्ती पर लिखा डायलॉग विवादित.
  • सरकार ने डायलॉग को हिंसा फैलाने की कोशिश बताया है.
आंध्र प्रदेश में एक फिल्मी डायलॉग ने ऐसा तूफान खड़ा कर दिया है कि नेता से लेकर पुलिस तक, सबकी नींद उड़ गई है. फिल्मपुष्पा 2″ का डायलॉग जो लोगों को सिर्फ एक सिनेमा का हिस्सा लगता है, अब राजनीतिक बहस का कारण बन गया है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब फिल्मों की लाइनों को बोलना भी अपराध बन गया है?

कहां से शुरू हुआ बवाल?
पूरा मामला शुरू हुआ आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से, जहाँ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी एक दौरे पर थे. उसी दौरान एक पार्टी कार्यकर्ता टी. रवितेजा ने एक तख्ती उठाई, जिस पर लिखा था “2029 में YSRCP सत्ता में आएगी रापा रापा नरुकुता.”

यह लाइन फिल्म पुष्पा 2 से ली गई है, जिसमें इसका मतलब होता है एक-एक को काट डालेंगे.” अब ये बात फिल्म में ही ठीक लगती है, लेकिन जब यही लाइन राजनीति में आ जाए, तो हलचल मचना तय है.

सरकार क्यों नाराज़ हुई?
राज्य की गृहमंत्री वी. अनिता ने इस तख्ती को हिंसक और डराने वाला बताया. उनका कहना है कि यह संकेत है कि अगर YSRCP सत्ता में आती है, तो वह TDP नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ हिंसा करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि YSRCP नेता अपने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाते हैं और यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है.

क्या वाकई ये बस एक फिल्मी लाइन थी?
जगन मोहन रेड्डी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया. उन्होंने साफ कहा कि यह लाइन सिर्फ एक फिल्म से ली गई है और इसमें हिंसा का कोई इरादा नहीं था. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब आम लोग फिल्मों के डायलॉग भी नहीं बोल सकते? क्या इतना डर है कि हर बात पर केस दर्ज किए जाएंगे? जगन ने बताया कि जिसने तख्ती उठाई थी, वह पहले TDP में था, लेकिन नाराज होकर YSRCP में आया और अपना गुस्सा इस तरह से दिखाया.

गिरफ्तारी और विरोध का दौर
जिस कार्यकर्ता ने तख्ती उठाई थी, उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. YSRCP समर्थकों का कहना है कि ये पूरी तरह से गलत है. उन्होंने इसे जनता की आवाज को दबाने की कोशिश बताया है.

जगन ने ये भी कहा कि हाल ही में उनकी गाड़ी पर हमला हुआ था और अब उनकी यात्राओं पर भी पाबंदियां लगाई जा रही हैं. इससे लगता है कि मौजूदा सरकार विपक्ष से डरती है.

चंद्रबाबू नायडू का पलटवार
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी चुप नहीं बैठने का फैसला किया. उन्होंने आरोप लगाया कि जगन ने पुलिस की इजाजत के बिना ज्यादा लोगों को लेकर रैली की, जिससे अफरा-तफरी मच गई. उन्होंने कहा कि जनता ने YSRCP को सिर्फ 11 सीटें क्यों दीं, इसका जवाब ऐसे ‘ड्रामा’ हैं.

नायडू ने यह भी आरोप लगाया कि YSRCP अपराधियों के साथ खड़ी है और गांवों में अपराधियों की मूर्तियाँ लगवा रही है. उन्होंने कहा कि ये पार्टी अब अपराध और डर के सहारे राजनीति करना चाहती है.



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