Friday, June 5, 2026
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IIFT में GBRC 2026 का उद्घाटन। जितिन प्रसाद बोले- वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी भारत सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था। AI, सेमीकंडक्टर में प्रगति से बढ़ी भूमिका।

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नई दिल्ली, 4 जून 2026:
वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने बुधवार को भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (IIFT), नई दिल्ली में ग्लोबल बिजनेस रिसर्च कॉन्फ्रेंस (GBRC) 2026 का उद्घाटन किया। “वैश्विक उथल-पुथल के बीच व्यापार प्रबंधन” विषय पर आयोजित इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के प्रख्यात शिक्षाविद, नीति निर्माता, प्रबंधन गुरु और उद्योग जगत के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

‘भारत सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था’
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने व्यापार, विनिर्माण, नवाचार और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने पर केंद्रित दीर्घकालिक विजन अपनाया है।

श्री प्रसाद ने विशेष रूप से कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर निर्माण और वैश्विक व्यापार साझेदारी जैसे क्षेत्रों में भारत की प्रगति अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में इसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। उन्होंने अनुसंधान आधारित अंतर्दृष्टि उत्पन्न करने और भविष्य के व्यापारिक दिग्गजों को तैयार करने में IIFT जैसे संस्थानों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। मंत्री ने विश्वास जताया कि GBRC 2026 की चर्चाओं से निकलने वाली सिफारिशें नीति निर्माण और भारत के आर्थिक विकास में सहायक होंगी।

IIFT कुलपति: ‘साक्ष्य-आधारित नीति की जरूरत बढ़ी’
IIFT के कुलपति प्रो. राकेश मोहन जोशी ने कहा कि संस्थान ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार शिक्षा और नीति अनुसंधान में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में भू-राजनीतिक घटनाक्रम, बदलते व्यापारिक परिदृश्य और AI जैसे तकनीकी व्यवधान वैश्विक व्यापार को नया रूप दे रहे हैं। प्रो. जोशी ने जोर दिया कि जैसे-जैसे देश आर्थिक मजबूती बढ़ा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी का विस्तार कर रहे हैं, अनुसंधान और साक्ष्य-आधारित नीतिगत सुझाव अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं।

सम्मेलन के 4 बड़े एजेंडे

  1. निदेशकों का सम्मेलन: इसमें बिजनेस स्कूलों के लिए अंतरराष्ट्रीयकरण रणनीतियों, प्रबंधन शिक्षा में AI के उपयोग, बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में शिक्षण पद्धति और उच्च शिक्षा में नवाचार व उद्यमिता को बढ़ावा देने पर फोकस किया जा रहा है।
  2. रिसर्च प्रस्तुतियां: वित्त, विपणन, सामान्य प्रबंधन, वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, सूचना प्रौद्योगिकी और सार्वजनिक नीति जैसे विषयों पर देश-विदेश के शोधकर्ता अपने शोध पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं।
  3. ब्रिक्स पर विशेष सत्र: “बहुध्रुवीय दुनिया में भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच ब्रिक्स” विषय पर विशेष चर्चा आयोजित की गई। इसमें वैश्विक आर्थिक व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संरचना को आकार देने में ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका पर मंथन हुआ।
  4. डॉक्टरेट संगोष्ठी: युवा शोधार्थियों को वरिष्ठ शिक्षाविदों और विशेषज्ञों के साथ जुड़ने का मंच दिया गया, ताकि अनुसंधान की गुणवत्ता मजबूत हो और सहयोग बढ़े।

देश के टॉप B-Schools के प्रमुख जुटे
GBRC 2026 में IIM बोधगया, IIT बॉम्बे, ISB हैदराबाद, MDI गुड़गांव, BIMTECH, IIMC, गोखले इंस्टीट्यूट, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, जिंदल ग्लोबल बिजनेस स्कूल और IILM विश्वविद्यालय समेत कई शीर्ष संस्थानों के कुलपति, निदेशक और डीन शामिल हुए।

प्रमुख प्रतिभागियों में IIMC की कुलपति डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौर, डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. यशवंत सिंह ठाकुर, IIM बोधगया की निदेशक प्रो. विनीता एस. सहाय, BIMTECH की निदेशक डॉ. प्रबीना राजीव, ISB के प्रो. चंदन चौधरी, IIT बॉम्बे के प्रो. एसवीडी नागेश्वर राव और IIM तिरुचिरापल्ली के पूर्व निदेशक प्रो. पवन कुमार सिंह शामिल रहे।

5 जून को समापन, मिलेगा बेस्ट रिसर्च अवार्ड
सम्मेलन का समापन 5 जून, 2026 को होगा। समापन सत्र में सम्मेलन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी और विशिष्ट अतिथियों के संबोधन होंगे। साथ ही विभिन्न विषयगत श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र, समग्र सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र, सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुति और सर्वश्रेष्ठ डॉक्टरेट संगोष्ठी शोध पत्र के लिए पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

PIB दिल्ली द्वारा 04 जून 2026 को अपराह्न 3:04 बजे जारी विज्ञप्ति के अनुसार, GBRC 2026 वैश्विक व्यापार, व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा और आर्थिक विकास को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर विद्वानों और नीति निर्माताओं के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देने के लिए IIFT की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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