Thursday, June 4, 2026
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UP बेसिक शिक्षा विभाग: जनगणना के चलते शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादलों पर रोक, सिर्फ गंभीर बीमारी-दिव्यांगता पर मिलेगी छूट

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लखनऊ, 4 जून 2026: उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए अंतरजनपदीय तबादलों को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी इस आदेश में साफ कहा गया है कि जनगणना 2026-27 के कार्य में लगे होने के कारण सामान्य परिस्थितियों में शिक्षकों के एक जिले से दूसरे जिले में तबादले नहीं किए जाएंगे। यह रोक 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी।

आदेश के मुताबिक, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र संख्या 9/12/2026-CD(Cen) दिनांक 11.03.2026 का हवाला देते हुए कहा गया है कि जनगणना कार्य में लगे कार्मिकों का स्थानान्तरण 31 मार्च 2027 तक न किया जाए। बेसिक शिक्षा परिषद के अध्यापक बड़ी संख्या में सभी जनपदों में जनगणना कार्य में नियोजित हैं। ऐसे में यदि बड़ी संख्या में अंतरजनपदीय तबादले किए गए तो जनगणना के काम में गंभीर बाधा आ सकती है।

किन मामलों में मिलेगी ट्रांसफर की छूट?
विभाग ने माना है कि बड़ी संख्या में शिक्षक तबादलों के लिए अनुरोध कर रहे हैं। इसलिए मानवीय दृष्टिकोण और विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए 5 शर्तों पर ट्रांसफर की अनुमति दी गई है:

  1. दिव्यांगता के आधार पर: यदि अध्यापक/अध्यापिका स्वयं, उनका जीवनसाथी या अविवाहित पुत्र-पुत्री दिव्यांग हैं तो उनका स्थानान्तरण किया जा सकेगा।
  2. कैंसर पीड़ित होने पर: अध्यापक या उनके परिवार का कोई सदस्य कैंसर से पीड़ित है तो ट्रांसफर पर विचार होगा।
  3. Dialysis की स्थिति में: शिक्षक या उनके आश्रित Dialysis पर हैं तो उन्हें राहत दी जाएगी।
  4. पति-पत्नी दोनों शिक्षक हों: यदि दोनों पति-पत्नी बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कार्यरत हैं और आवेदन करते हैं तो जिस जनपद में छात्र-शिक्षक अनुपात कम होगा, वहां दोनों में से किसी एक का तबादला किया जा सकेगा।
  5. मुख्यमंत्री की अनुमति: इनके अलावा किसी विषम परिस्थिति में मुख्यमंत्री के अनुमोदन से स्थानान्तरण किया जा सकेगा।

क्या है आदेश की पृष्ठभूमि?
बेसिक शिक्षा अनुभाग-5 से जारी इस आदेश में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, लखनऊ को संबोधित करते हुए कहा गया है कि वर्तमान शैक्षिक सत्र में परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं के तबादले उपरोक्त बिंदुओं के आधार पर ही होंगे। शासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आदेश के क्रम में अग्रतर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।

गौरतलब है कि हर साल हजारों शिक्षक गृह जनपद या अपने पसंदीदा जिले में जाने के लिए अंतरजनपदीय तबादलों का इंतजार करते हैं। पिछली बार 2022-23 में बड़े पैमाने पर ट्रांसफर हुए थे। लेकिन इस बार जनगणना के कारण शासन ने सख्त रुख अपनाया है।

शिक्षकों पर क्या असर होगा?
इस आदेश से उन शिक्षकों को झटका लगा है जो लंबे समय से अपने गृह जिले में ट्रांसफर की उम्मीद लगाए बैठे थे। हालांकि गंभीर रूप से बीमार और दिव्यांग शिक्षकों को राहत दी गई है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि सरकार को कम से कम म्यूचुअल ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए ताकि पति-पत्नी एक जिले में आ सकें।

आदेश की प्रतिलिपि शिक्षा निदेशक बेसिक, लखनऊ और सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज को भी भेजी गई है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिन शिक्षकों पर उपरोक्त 5 शर्तें लागू होती हैं, वे जल्द ही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे ।

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