Friday, June 5, 2026
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लखपति दीदी योजना में बड़ी कामयाबी: 3 करोड़ का लक्ष्य पूरा, अब 6 करोड़ का टारगेट; शिवराज सिंह चौहान बोले- कोई भी SHG महिला वंचित न रहे

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नई दिल्ली, 4 जून 2026
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को लखपति दीदी पहल की समीक्षा बैठक में बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 तक 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य समय से पहले ही हासिल कर लिया गया है। अब सरकार का अगला संकल्प अतिरिक्त 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाकर कुल संख्या 6 करोड़ तक पहुंचाना है।

श्री चौहान ने सभी राज्यों से इस नए लक्ष्य को ‘मिशन मोड’ में पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने साफ कहा कि “कोई भी पात्र स्वयं सहायता समूह की सदस्य आजीविका के अवसरों से वंचित न रहे।” इसके लिए केंद्र सरकार राज्यों को हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है।

4.11 करोड़ संभावित लखपति दीदी चिन्हित
बैठक में राज्यों की प्रगति और आगामी रणनीति की समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि देशभर में लगभग 4.11 करोड़ ‘संभावित लखपति दीदियों’ की पहचान पहले ही की जा चुकी है। यह डेटा अगले चरण के 3 करोड़ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मजबूत आधार तैयार करता है।

अब सरकार की प्राथमिकता इन सभी महिलाओं को स्थायी और विविध आजीविका गतिविधियों से जोड़ना है। इसका मकसद सिर्फ एक बार 1 लाख रुपये की सालाना आय तक पहुंचाना नहीं, बल्कि उनकी आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करना है।

कृषि से लेकर सर्विस सेक्टर तक जुड़ेंगी महिलाएं
श्री चौहान ने राज्यों को निर्देश दिया कि महिलाओं को केवल पारंपरिक कामों तक सीमित न रखा जाए। उन्होंने कृषि, पशुपालन के साथ-साथ सूक्ष्म उद्यम, खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, व्यापार, सेवाओं और अन्य गैर-कृषि गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।

लखपति दीदी पहल को ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ‘परिवर्तनकारी अभियान’ बताते हुए मंत्री ने कहा कि यह योजना गांव की तस्वीर बदल रही है। महिलाएं अब ड्रोन दीदी, बैंक सखी, कृषि सखी, पशु सखी बनकर नई पहचान बना रही हैं।

4.09 लाख CRP कर रहे जमीनी स्तर पर काम
इस पूरे अभियान की रीढ़ DAY-NRLM के तहत बना मजबूत सामुदायिक तंत्र है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देशभर में लगभग 4.09 लाख आजीविका सामुदायिक संसाधन व्यक्ति यानी CRP स्वयं सहायता समूहों के साथ काम कर रहे हैं।

ये CRP दीदियों को आजीविका गतिविधियों की योजना बनाने, उन्हें शुरू करने और सही मार्गदर्शन देने में मदद करते हैं। इनकी मदद के लिए 6,600 से अधिक मास्टर ट्रेनरों का नेटवर्क भी सक्रिय है। ये मास्टर ट्रेनर गांव-गांव जाकर महिलाओं का प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और काम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

क्या है लखपति दीदी योजना?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना का लक्ष्य ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की सालाना आय कम से कम 1 लाख रुपये तक पहुंचाना है। इसके लिए महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बाजार से जुड़ाव और तकनीकी मदद दी जाती है।

पहले चरण में 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य था, जो दिसंबर 2025 की डेडलाइन से पहले ही पूरा हो गया। अब 6 करोड़ का नया लक्ष्य 2028 तक हासिल करने की योजना है।

आगे की रणनीति
बैठक में तय किया गया कि हर राज्य अपनी कार्ययोजना बनाकर केंद्र को भेजेगा। बैंक लिंकेज, उत्पादों की ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ना और निर्यात के अवसर तलाशने पर फोकस रहेगा।

श्री चौहान ने कहा कि जब गांव की महिला आर्थिक रूप से मजबूत होगी, तभी विकसित भारत का सपना पूरा होगा। सरकार की कोशिश है कि हर SHG दीदी के घर में समृद्धि आए।

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Source: PIB Delhi

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